खाली समय में आनंद लेने के लिए शब्दों के 8 खेल
किताब से पहले, अभिभावक की प्रतीक्षा या गतिविधि की तैयारी में थोड़े समय के लिए केवल शब्दों से शुरू होने वाले खेल उपयोगी हैं।
यहाँ 1–5 मिनट के 8 खेल और 10 छोटे जापानी शब्द-चुटकुले हैं। सामान नहीं चाहिए। पहले परिचित शब्द से एक खेल शुरू करें।
लेख के मुख्य बिंदु
- मुख्यतः बड़े पूर्व-प्राथमिक बच्चों के लिए। उम्र और समय संकेत हैं; उस दिन की रुचि व भाषा-परिचय अनुसार ढालें।
- जवाब, नकल, इशारा या सुनना, भागीदारी स्वतंत्र है।
- न सूझे तो बड़ा साथ सोचे। गति की दौड़ या जवाब न दे पाने वाले को बाहर न करें।
- खाते या चलते समय नहीं, शांत स्थान में खेलें। निगरानी और व्यक्तिगत देखभाल प्राथमिक हैं।
बिना उपकरण के शब्दों के 8 खेल
1. आवाज़ की नकल रिले
बड़ा छोटी आवाज़ कहे; बच्चा पसंद का हिस्सा दोहराए। सभी की क्रमवार बारी आवश्यक नहीं।
- शुरुआत के शब्द:‘मेरी आवाज़ की नकल करोगे?’
- उदाहरण:‘पोन-पोन’, ‘पियो-पियो’, ‘कोरो-कोरो’। बड़ा एक कहकर थोड़ा रुके।
- छोटा बदलाव:बच्चा ‘पु-पु-पु’ कहे तो अब बड़ा उसकी नकल करे।
- समाप्ति:‘आखिर में धीमी आवाज़: पोन। ख़त्म।’
तेज़ आवाज़ या गति के बिना भी खेलें। पसंद की आवाज़ 2–3 बार पर्याप्त है।
2. एक ही ध्वनि से शुरू शब्द
पहली ध्वनि तय करके उससे शुरू शब्द जुटाएँ। अक्षर दिखाना ज़रूरी नहीं।
- शुरुआत के शब्द:‘जापानी ध्वनि “का” से क्या शुरू होता है?’
- उदाहरण:जापानी में कासा (छाता), कामे (कछुआ), काबोचा (कद्दू)। ‘का-सा’ बोलकर शुरुआत स्पष्ट करें।
- छोटा बदलाव:कठिन हो तो ‘बारिश में काम आने वाला, का…?’ जैसा परिचित संकेत दें।
- समाप्ति:‘का से 3 शब्द मिले। आज इतना ही।’
अलग ध्वनि आए तो ‘यह कु से शुरू है; कु वाले भी खोजें?’ कहकर बढ़ाएँ।
3. एक समूह के शब्द
फल या वाहन जैसा परिचित समूह चुनें। वही जवाब दोबारा आए तो भी ठीक।
- शुरुआत के शब्द:‘फल की दुकान खोलें। क्या सजाएँ?’
- उदाहरण:‘सेब’, ‘केला’, ‘संतरा’। ‘सेब आ गया, और क्या?’ कहें।
- छोटा बदलाव:कठिन हो तो ‘केला या बस, फल की दुकान में क्या होगा?’ जैसे 2 विकल्प दें।
- समाप्ति:‘कई चीज़ें सज गईं। दुकान फिर खोलेंगे।’
साथ खाया नाश्ता या पार्क में देखी चीज़ें जैसे साझा अनुभव भी विषय बनाएँ।
4. मिलकर शिरितोरी शब्द-श्रृंखला
पिछले जापानी शब्द की अंतिम ध्वनि से नया शब्द सोचें। पहले बड़े और बच्चे साथ लगभग 3 शब्द जोड़ें।
- शुरुआत के शब्द:‘रिसु (गिलहरी) का अंत सु है। सु से कौन-सा शब्द?’
- उदाहरण:जापानी श्रृंखला: रिसु (गिलहरी) → सुइका (तरबूज़) → कामे (कछुआ) → मेदाका (छोटी मछली)
- छोटा बदलाव:‘सु से शुरू, भीतर लाल फल’ जैसा संकेत दें या बड़ा अगला शब्द कहे।
- समाप्ति:‘एक और जोड़कर ख़त्म करें।’
जापानी ‘न्’ पर अंत हो तो ‘यहाँ रुकें, दूसरे पसंदीदा शब्द से फिर शुरू करें’ कहें। पहले लंबे स्वर और छोटे या-यु-यो वाले शब्द न लें, ताकि नियम आसान रहें। दोहराव और संकेत स्वीकारकर मिलकर जोड़ें।
5. कौन-सी आवाज़
बड़ा आवाज़ शब्दों में कहे और बच्चे कल्पना करें। एक ही उत्तर पर ज़ोर न दें।
- शुरुआत के शब्द:‘झर-झर किसकी आवाज़ लगती है?’
- उदाहरण:‘बारिश!’ ‘शॉवर!’ ‘दोनों पानी की आवाज़ हैं।’
- छोटा बदलाव:भौं-भौं, रिन-रिन, धम्म-धम्म जैसी परिचित आवाज़ लें। हावभाव जोड़ें।
- समाप्ति:अंत में ‘अब सन्नाटा, कैसा लगता है?’ कहकर शांत विराम दें।
बच्चे से सवाल करवाएँ तो इच्छुक से शुरू करें। बड़ा उसकी आवाज़ दोहराकर सोचे तो बातचीत जारी रहती है।
6. उलटे शब्दों की नकल
हावभाव के साथ विपरीत अर्थ के शब्द खेलें।
- शुरुआत के शब्द:‘बड़ा का उलटा क्या?’
- उदाहरण:बड़ा-छोटा, लंबा-छोटा, खोलना-बंद करना; हाथों की दूरी बदलकर दिखाएँ।
- छोटा बदलाव:बोलना कठिन हो तो केवल हाथों से भाग लें। बड़ा दोनों शब्द बोलते हुए दिखा सकता है।
- समाप्ति:‘आखिर में हाथ खोलो, बंद करो। ख़त्म।’
लोगों की शक्ल या क्षमताओं की तुलना न करें। वस्तुओं के आकार और हरकत जैसे साझा विषय लें।
7. शब्द के साथ ताली
परिचित शब्द धीरे कहकर हर जापानी ध्वनि पर हल्की ताली दें। आवाज़ न चाहिए तो केवल हाथ चलाएँ।
- शुरुआत के शब्द:‘ने-को’ (जापानी में बिल्ली) बोलकर ताली दें।
- उदाहरण:‘ने-को’ पर 2, ‘रि-न्-गो’ (सेब) पर 3, ‘ता-के-नो-को’ (बाँस की कोंपल) पर 4 तालियाँ।
- छोटा बदलाव:पहले बड़े की नकल। संख्या अनुमान का सवाल न बनाएँ; शब्द की लय का आनंद लें।
- समाप्ति:आखिर में ‘मा-ता-ने’ (फिर मिलेंगे)। फिर खेलेंगे।
पहले नेको या रिंगो जैसे आसानी से बाँटने वाले जापानी शब्द चुनें। तालियाँ न मिलें तो भी दोहराव का आनंद लें।
8. एक बात जोड़कर कहानी
बड़े के छोटे वाक्य में बच्चे एक-एक बात जोड़ें। लगभग 3 संवाद की छोटी कहानी से शुरू करें।
- शुरुआत के शब्द:‘बिल्ली सैर पर गई। कहाँ गई?’
- उदाहरण:‘पार्क!’ → ‘वहाँ क्या मिला?’ → ‘बड़ा पत्ता!’ → ‘उसका क्या किया?’ → ‘छाता बनाया!’
- छोटा बदलाव:न सूझे तो ‘पार्क या समुद्र?’ विकल्प दें। बड़ा पिछली कहानी संक्षेप में दोहराए।
- समाप्ति:‘पत्ते के छाते से सैर की। ख़त्म।’ कहकर बनी कहानी समेटें।
कहानी अनपेक्षित हो तो भी ठीक। ‘ऐसा भी हो सकता है’ कहें; सबको एक बात बोलने को न कहें।
बोलकर आनंद लेने वाले 10 जापानी शब्द-चुटकुले
नीचे दिए गए सभी 10 उदाहरण जापानी भाषा के शब्द-खेल हैं। ध्वनि की समानता और समझाए गए अर्थ जापानी भाषा से जुड़े हैं; अनुवाद केवल समझाने के लिए है, इससे यह नहीं कहा जा रहा कि वही शब्द-खेल हिंदी में भी काम करेगा।
जापानी दजारे समान या मिलती ध्वनियों के चुटकुले हैं। परिचित चीज़ से 1–2 शुरू करें। हँसना या अर्थ बताना न माँगें; ‘एक जैसी आवाज़ सुनी’ कहकर दोहराना भी मज़ेदार है।
1. फ़ुतोन गा फ़ुत्तोन्दा
जापानी फ़ुतोन (बिस्तर) और फ़ुत्तोन्दा (उड़ गया) की ध्वनि मिलती है। ‘बिस्तर उड़ गया’ कहते हुए हाथ से उड़ना दिखाएँ।
2. नेको गा नेकोरोन्दा
जापानी नेको (बिल्ली) और नेकोरोन्दा (लेट गया) की शुरुआत समान है। गोल होकर लेटी बिल्ली हाथ से दिखाएँ।
3. इरुका वा इरु का?
जापानी इरुका (डॉल्फ़िन) और इरु का (क्या वहाँ है?) समान सुनते हैं। समुद्र में झाँकने का हावभाव करें।
4. ज़ो दा ज़ो
जापानी ज़ो (हाथी) और वाक्य के अंत का दा ज़ो एक ध्वनि दोहराते हैं। बाँह को सूँड़ बनाकर कहें।
5. काएरु गा काएरु
जापानी काएरु का अर्थ मेंढक भी और घर लौटना भी है। ‘मेंढक घर जा रहा है’ समझाएँ।
6. कुत्सु गा कुत्त्सुइता
जापानी कुत्सु (जूते) और कुत्त्सुइता (चिपक गए) की ध्वनि मिलती है। हाथों को जूते बनाकर जोड़ें।
7. पांडा नो पान दा
पांडा और पान दा (यह ब्रेड है) एक जैसे सुनते हैं। ‘पांडा की ब्रेड’ कहकर पकड़े होने का अभिनय करें।
8. साइ वा नान-साइ?
जापानी साइ (गैंडा) और नान-साइ (कितने साल?) का साइ समान है। गैंडा जानने वाले बच्चे से उसकी उम्र सोचें।
9. ताइ ओ ताबेताइ
जापानी ताइ (सी ब्रीम मछली) और ताबेताइ (खाना चाहता हूँ) का अंत मिलता है। मछली का नाम परिचित हो तो कहें, ‘ताइ मछली खाना चाहता है।’
10. राकुदा वा राकु दा
जापानी राकुदा (ऊँट) और राकु दा (आरामदायक या आसान है) समान सुनते हैं। अर्थ समझाकर ऊँट के आराम की कहानी बना सकते हैं।
बच्चे का अपना चुटकुला आए तो मिलती आवाज़ पहचानें। दोस्तों के नाम, रूप या बोलने के ढंग का मज़ाक न बनाएँ।
शिशु कक्षा में छोटी आवाज़ की नकल
0–2 साल में शिरितोरी या चुटकुले के नियम से अधिक छोटी आवाज़ों का संवाद करें।
- 0 साल:बच्चे की आवाज़ का कोमल जवाब दें या नज़र मिलने पर पोन/पा कहें। प्रतिक्रिया का समय दें और आवाज़-भाव देखकर छोटा अंत करें।
- 1–2 साल:भौं-भौं या गाड़ी की आवाज़ हावभाव के साथ करें। बड़ा बच्चे की आवाज़ की नकल भी कर सकता है।
उच्चारण सुधरवाना या बोलने तक दोहराना आवश्यक नहीं। देखना, सुनना, हँसना स्वीकारकर बच्चे की गति रखें।
1–5 मिनट में सहज अंत के सुझाव
पहले ‘3 चीज़ें मिलें तो ख़त्म’ या ‘अंतिम बार’ बताएँ। तैयारी हो जाए तो सबके जवाब के इंतज़ार में न बढ़ाएँ; ‘फिर खेलेंगे’ कहकर आगे जाएँ।
- लगभग 1 मिनट:आवाज़ की 2–3 नकल, 1 शब्द-चुटकुला।
- लगभग 2–3 मिनट:एक समूह या एक ध्वनि से शुरू शब्द।
- लगभग 3–5 मिनट:शिरितोरी या छोटी कहानी।
आवाज़ें मिलकर अस्पष्ट हों तो छोटा समूह करें या बड़ा शब्द फिर बोले। सब पूरा करने के बजाय आनंद के बाद रोकें, ताकि छोटी प्रतीक्षा में भी खेल सहज हो।